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रेप को कहता थे बाबा के चेले " पिताजी की माफ़ी " , पढ़िए वह चिट्ठी जिसने PM तक को हिला डाला था


नयी दिल्ली : शुक्रवार को रात को पंचकुला देल का प्रमुख गुरप्रीत राम रहीम को रेप के केस में सजा सुनाई थी। इस वजह से पंजाब और हरियाणा में कई लोगोकी जाने गई। मीडिया के अनुशार इस केस में लगबग 32 लोगो की जाने जा चुकी हे। यह मामला 2002 से चल रहा हे और इस केस में जो पीड़ित हे उसे लंबे समय तक संघर्ष करना पडा।

क्या हे गुरप्रीत रामरहीम का मामला :
डेरा के प्रमुख गुरप्रीत रामरहिम को जेल पहोचाने के लिए कई पीड़ित महिला को संघर्ष करना पड़ा। यह संघर्ष 2002 से चल रहा था और अंत में 2017 में राम रहीम को जेल पुहचाया हे। माना जाता हे के  2002 में  पत्र लिख कर प्रधानमंत्री अटलबिहारी को बाबा रामरहीम के विरुद्ध यौनशोषण का आरोप लगाया।

पीड़ित साध्वी ने चिठ्ठी में कि लिखा था :
2002 में यौनशोषण से पीड़ित साध्वी ने पत्र लिख कर आरोप लगाया था की वह पंजाब में रहने वाली हे। जब आरोप लगाया तब वो स्नातक कर रही थी। उनपर माता पिता का दबाण होने के कारण वह साध्वी बन गई। साध्वी बनने के दो साल बाद बाबा राम रहीम ने साध्वी को गुफा में बुलाया और धमका कर यौनशोषण किया। और इसी कारण के लिए आज बाबा को जेल पोचा दिया।

कैसी हे राम रहीम की काली दुनिया :
2002 में पत्र लिख कर बाबा राम रहीम पर आरोप लगाया था। इसके बाद यह केस की जाँच सीबीआई ने हाथ ली। सीबीआई के  जज के दो साध्वीओ ने राम रहीम की पूरी काली दुनिया का भांडाफोड़ दिया। उन्होंने बताया के बाबा राम रहीम साध्वी को गुफा में बुलाकर उनका रेप करता था। पीडितो बाबा रामरहीम खुद को भगवान बताता था। सीबीआई के दो साध्वियो ने भंडाफोड़ते हुवे कहा के उनके चेले बलात्कार को माफ़ी कहते थे।

हरियाणा के यमुनानगर की रहनेवाली एक पीड़ित ने 28 फरवरी 2009 को बाबा राम रहीम पर आरोप लगाया। पीड़ित ने बयान दिया के जुलाई 1999 में डेरे में रहना पड़ा बाद में भाई ने बहन को न्याय दिलाने के लिए कानून का सहारा लिया गया तो उस भाई की हत्या कर दी गयी। और साध्वियो के अनुसार रेप को बाबा के चेले पिताजी की माफ़ी कहते थे।

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